
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद वैश्विक तेल बाजार पर दबाव बढ़ गया है, जिसके चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
इसी बीच भारत सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नई दरें मंगलवार से लागू हो गई हैं।
मंगलवार सुबह के कारोबार में WTI क्रूड लगभग 80.68 डॉलर प्रति बैरल पर और ब्रेंट क्रूड करीब 82.95 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार दो सप्ताह पहले कच्चे तेल की कीमतें लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, लेकिन हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रम के बाद इनमें तेज गिरावट आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान संबंधों में नरमी और वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताओं के कम होने से तेल बाजार में दबाव बना है। वहीं सरकार द्वारा डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने को घरेलू आपूर्ति और राजस्व प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब निवेशकों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार के अगले रुख और प्रमुख तेल उत्पादक देशों की नीतियों पर बनी हुई है।