परभणी नगर निगम में महापौर और उप महापौर चुनाव से पहले ही सत्ता का समीकरण लगभग पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और कांग्रेस के बीच हुए समन्वय के तहत महापौर पद के लिए सैयद इकबाल का नाम तय किया गया है, जबकि कांग्रेस ने उप महापौर पद के लिए गणेश देशमुख को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, शिवसेना ने अपने सभी पार्षदों के लिए आधिकारिक व्हिप जारी किया है। इसका मतलब है कि सभी पार्षदों को पार्टी के निर्णय के अनुसार सैयद इकबाल के पक्ष में ही मतदान करना होगा। इस कदम के बाद सैयद इकबाल का महापौर बनना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने भी स्पष्ट कर दिया है कि उप महापौर पद के लिए गणेश देशमुख ही पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार होंगे।
राजनीतिक आंकड़ों के मुताबिक, शिवसेना और कांग्रेस गठबंधन के पास कुल 37 पार्षदों का समर्थन है, जो चुनाव परिणाम को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकता है। चुनाव से पहले गठबंधन की एकजुटता भी खुलकर सामने आई, जब दोनों दलों के पार्षद एक साथ बैठक के लिए रवाना हुए। मोरिया लॉन्स में आयोजित बैठक में दोनों पदों के उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, परभणी नगर निगम में शिवसेना की ओर से सैयद इकबाल का महापौर बनना और कांग्रेस की ओर से गणेश देशमुख का उप महापौर चुना जाना लगभग निश्चित माना जा रहा है। अब पूरे शहर की निगाहें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो नगर निगम की सत्ता और भविष्य की राजनीतिक दिशा को तय करेगी।