
नवी मुंबई, महाराष्ट्र:
नवी मुंबई, पनवेल और उरण क्षेत्र के हजारों प्रकल्पग्रस्त परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों के 95 गांवों में जरूरत के तहत बनाए गए घरों को नियमित करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
सरकार के इस निर्णय के अनुसार, प्रकल्पग्रस्त नागरिकों द्वारा बनाए गए घरों को अब अनधिकृत निर्माण मानकर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें नियमित किया जाएगा, जिससे वर्षों से अनिश्चितता का सामना कर रहे परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस मुद्दे को लेकर बेलापुर की भाजपा विधायक Manda Mhatre लगातार सरकार के समक्ष मांग उठाती रही थीं। नए निर्णय के तहत प्रकल्पग्रस्तों के घरों को रेडी रेकनर दर के केवल 15 प्रतिशत शुल्क पर नियमित करने की व्यवस्था की गई है।
इस फैसले का लाभ विशेष रूप से आगरी-कोली समाज सहित हजारों प्रकल्पग्रस्त परिवारों को मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने पर स्थानीय नागरिकों ने खुशी जताई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस निर्णय से उनके घरों पर मंडरा रहा कानूनी और प्रशासनिक संकट काफी हद तक समाप्त हो जाएगा तथा उन्हें स्थायित्व और सुरक्षा का एहसास मिलेगा।