मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा- शिवसेना- रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) की महायुति को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस ऐतिहासिक जीत पर केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वर्षा बंगले पर मुलाकात कर उन्हें हार्दिक बधाई दी।
रामदास आठवले ने कहा कि मुंबई ही नहीं, बल्कि राज्यभर की 29 महानगरपालिकाओं में से 26 महानगरपालिकाओं में महायुति को बहुमत मिलना, यह जनता के भरोसे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मजबूत नेतृत्व का प्रमाण है। उन्होंने मुख्यमंत्री को महायुति के इस महाविजय का शिल्पकार बताते हुए कहा कि विकास के मुद्दों पर जनता ने भावनात्मक राजनीति को नकार दिया है।

आठवले ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव को ठाकरे बंधुओं ने प्रतिष्ठे का चुनाव बनाया था। मराठी भाषा और अस्मिता का मुद्दा उठाया गया, लेकिन मुंबई की मराठी और गैर-मराठी जनता ने विकास, स्थिरता और सुशासन को प्राथमिकता दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले शिवसेना को भाजपा और रिपाइं के समर्थन से लाभ मिला था, लेकिन इस बार भाजपा और रिपाइं साथ नहीं होने के कारण शिवसेना को करारी हार का सामना करना पड़ा।
रामदास आठवले ने यह भी कहा कि राज ठाकरे के साथ गठबंधन से उद्धव ठाकरे को कोई खास फायदा नहीं होगा, यह उन्होंने पहले ही अनुमान लगाया था, जो चुनाव नतीजों में सही साबित हुआ। उन्होंने दोहराया कि राज्य की 29 में से 26 महानगरपालिकाओं में महायुति की जीत का उनका अंदाजा पूरी तरह सही साबित हुआ है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महायुति ने मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में शानदार प्रदर्शन किया है। इस जीत के लिए रामदास आठवले ने मुंबईकरों, राज्य की जनता और विशेष रूप से आंबेडकरी समाज का आभार व्यक्त किया और कहा कि जनता ने महायुति पर भरोसा जताकर विकास की राजनीति को मजबूत किया है।