मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने कड़ा रुख अपनाया है। एयर क्वालिटी सेंसर यानी ‘वायु गुणवत्ता मापन प्रणाली’ नहीं लगाने वाले निर्माण प्रकल्पों के खिलाफ बीएमसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 106 निर्माण स्थलों को तत्काल काम बंद करने की नोटिस जारी की है। यह कार्रवाई गुरुवार शाम तक की गई है, जिसमें निजी निर्माण परियोजनाओं के साथ-साथ रेलवे पुल निर्माण, एसआरए और म्हाडा परियोजनाएं भी शामिल हैं।
बीएमसी आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी और अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे के मार्गदर्शन में मुंबई में सभी निर्माण स्थलों पर एयर क्वालिटी सेंसर लगाना पहले ही अनिवार्य किया गया था। वहीं, एक हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली बड़ी परियोजनाओं में रेफरेंस ग्रेड एयर क्वालिटी मॉनिटर लगाने के निर्देश भी जारी किए गए थे। बावजूद इसके, कई निर्माण स्थलों पर इन आदेशों का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद बीएमसी ने सीधे काम बंद करने की कार्रवाई शुरू की है।

पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुसार, मई 2025 से लगातार नोटिस और फॉलोअप के बावजूद जिन निर्माण परियोजनाओं ने नियमों का पालन नहीं किया, उन पर बिना किसी देरी के कार्य स्थगिती की नोटिस दी गई है। इसके साथ ही अन्य निर्माण स्थलों की नियमित जांच जारी है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वायु प्रदूषण से जुड़े मामले में अगली न्यायालयीन सुनवाई शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है। इसके मद्देनज़र बीएमसी ने सभी विभागीय टीमों को जमीनी निरीक्षण, साइट विज़िट और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह अभियान केवल निर्माण क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बेकरी यूनिट्स पर भी काम बंद करने की नोटिस देने के आदेश सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। धुआं, ईंधन उपयोग और उत्सर्जन मानकों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बीएमसी प्रशासन ने साफ किया है कि मुंबई की हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। नियमों का पालन करने वालों को सहयोग मिलेगा, जबकि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का दावा है कि इन बहुस्तरीय उपायों के चलते मुंबई के अधिकांश इलाकों में हवा की गुणवत्ता ‘समाधानकारक’ या ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी हुई है।
फिलहाल मुंबई में कुल 28 स्थानों पर निरंतर वातावरणीय वायु गुणवत्ता सर्वेक्षण केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान और बीएमसी के केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों से प्राप्त आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट और ‘समीर’ मोबाइल ऐप पर उपलब्ध हैं। बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन आधिकारिक माध्यमों से अपने क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता की जानकारी लें, खुले में कचरा जलाने से बचें और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में सहयोग करें।