
नई दिल्ली:
केंद्र सरकार ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश किया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा से जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
प्रस्तावित संशोधन के तहत संगठित पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के मामलों में अधिकतम 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, परीक्षा से जुड़े सेवा प्रदाताओं, एजेंसियों और संस्थानों की जवाबदेही भी बढ़ाई जाएगी।
विधेयक में जांच को समयबद्ध बनाने और मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इससे पेपर लीक मामलों में तेजी से कार्रवाई होगी और दोषियों को जल्द सजा मिल सकेगी।
यह विधेयक हाल के पेपर लीक विवादों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच लाया गया है। सरकार का दावा है कि नए प्रावधानों से सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत होगी तथा संगठित नकल माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।