Home देशविकास का एजेंडा नहीं, इसलिए तोड़फोड़ और मारपीट की भाषा,शायना एन.सी. का उद्धव-राज ठाकरे पर तीखा हमला

विकास का एजेंडा नहीं, इसलिए तोड़फोड़ और मारपीट की भाषा,शायना एन.सी. का उद्धव-राज ठाकरे पर तीखा हमला

by Real Khabren
0 comments
विकास का एजेंडा नहीं, इसलिए तोड़फोड़

मुंबई :शिवसेना प्रवक्ता शायना एन.सी. ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पास विकास का कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसी कारण वे तोड़फोड़, मारपीट और नकारात्मक राजनीति की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। बाळासाहेब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शायना एन.सी. ने आरोप लगाया कि मुंबई महानगरपालिका में 25 वर्षों तक सत्ता में रहते हुए उबाठा गुट ने भ्रष्टाचार किया और अब जनता के सामने रखने के लिए उनके पास कोई विकासात्मक मुद्दा नहीं बचा है।

शायना एन.सी. ने कहा कि उद्धव और राज ठाकरे की राजनीति तोड़ने, फोड़ने और फेंक देने की मानसिकता पर आधारित है, जबकि शिवसेना प्रमुख और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सकारात्मक और विकासोन्मुख राजनीति की है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक कल्याण पहुंचाने का काम किया है और यही उनकी राजनीति की पहचान है।

उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने युवाओं से संवाद कर मुंबई को लेकर उनकी अपेक्षाओं को समझा है। मुंबई को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए महायुति ने 17 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न प्रोजेक्ट्स और योजनाओं पर खर्च करने का वादा किया है। यह वादा जमीनी हकीकत में उतरने वाला है, फेकनामा नहीं ऐसा तंज भी शायना एन.सी. ने विपक्ष पर कसा।

शायना एन.सी. ने मेट्रो परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई में देश का सर्वश्रेष्ठ मेट्रो नेटवर्क कार्यरत है, लेकिन विपक्ष के अहंकार के कारण मेट्रो कारशेड का काम रुका रहा, जिससे परियोजना की लागत में करीब 12 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई महानगरपालिका में कोविड सेंटर, खिचड़ी वितरण, बॉडी बैग, मिठी नदी की सफाई और सड़कों के डामरीकरण जैसे मामलों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, जिसके चलते उबाठा गुट के नगरसेवक जेल भी गए।

शायना एन.सी. ने विश्वास जताया कि मुंबईकरों ने महायुति के विकास कार्यों को देखा है और इसी कारण आगामी 15 जनवरी को मतदाता महायुति के पक्ष में मजबूती से खड़े होंगे। उन्होंने मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की बात करने वाले विरोधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुंबई किसी की जागीर नहीं है। मुंबई मराठी मानुष की है और हमेशा रहेगी।

अंत में शायना एन.सी. ने मुंबई में रहने वाले मराठी समाज और मेहनतकश नागरिकों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की और कहा कि यही लोकतंत्र और विकास को मजबूत करने का सही रास्ता है।

You may also like

Leave a Comment