मुंबई से सटे ठाणे महानगरपालिका में नए महापौर को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो गई है। वार्ड नंबर 20 से विजयी रहीं शर्मिला पिंपलोलकर ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में ठाणे महापौर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन के साथ ही यह स्पष्ट संकेत मिल गया है कि ठाणे नगर निगम में अगला मेयर शिवसेना का ही होगा।
शर्मिला पिंपलोलकर शिवसेना के सक्रिय नेता और स्थानीय राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले रोहित पिंपलोलकर की पत्नी हैं। संगठन और जमीनी राजनीति से उनका सीधा जुड़ाव रहा है, जिसका फायदा उन्हें हालिया नगर निगम चुनावों में मिला। नामांकन के दौरान उनके साथ शिवसेना के वरिष्ठ नेता और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक भी मौजूद रहे।

इसी अवसर पर डिप्टी मेयर पद के लिए कृष्णा पाटील ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया। शिवसेना नेतृत्व की मौजूदगी और शक्ति प्रदर्शन से यह संदेश साफ है कि ठाणे महानगरपालिका में सत्ता पर शिवसेना की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
ठाणे महानगरपालिका चुनावों में शिवसेना ने 131 सीटों वाली नगर निगम में 75 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है। भारतीय जनता पार्टी को 28 सीटें मिलीं, जबकि अजित पवार गुट की एनसीपी को 9 और शरद पवार गुट की एनसीपी को 12 सीटों पर संतोष करना पड़ा। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को सिर्फ 1 सीट मिली, जबकि एआईएमआईएम ने 5 सीटें जीतीं और 1 सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई।

कुल 33 वार्डों वाली ठाणे नगर निगम में बहुमत के आंकड़े को देखते हुए शर्मिला पिंपलोलकर का महापौर बनना अब लगभग तय माना जा रहा है। उनके नामांकन के साथ ही ठाणे की राजनीति में शिवसेना के दबदबे पर एक बार फिर मुहर लगती दिखाई दे रही है।