छत्रपति छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से किए जाने को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। बीजेपी ने इस बयान को शिवरायों का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और उद्धव ठाकरे की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
बीजेपी के माध्यम विभाग प्रमुख नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ द्वारा की गई तुलना बेहद आपत्तिजनक और संतापजनक है। उन्होंने कहा कि जो नेता छोटी-छोटी बातों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया लाइव के जरिए बीजेपी पर हमला बोलते हैं, वे तीन दिन बीत जाने के बाद भी इस मुद्दे पर खामोश हैं। बन ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस के समर्थन के बिना राजनीतिक भविष्य अधूरा दिखने की वजह से यह चुप्पी साधी गई है?

नवनाथ बन ने यह भी कहा कि यदि उद्धव ठाकरे में स्वाभिमान शेष है तो उन्हें इस बयान का सार्वजनिक विरोध करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता से महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि माफी नहीं मिलने पर आंदोलन किया जाएगा।
टीपू सुल्तान को लेकर भी बीजेपी ने अपना रुख दोहराया। बन ने कहा कि जो शासक हिंदुओं पर अत्याचार और मंदिरों की तोड़फोड़ से जुड़ा रहा, उसका समर्थन बीजेपी कभी नहीं करेगी। उन्होंने महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान मालवणी में एक उद्यान को टीपू सुल्तान का नाम देने के प्रयास का भी जिक्र किया और दावा किया कि बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर इसका विरोध किया था।
साथ ही संजय राऊत पर निशाना साधते हुए बन ने कहा कि शिवाजी महाराज का सम्मान चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि अस्मिता का विषय है। बीजेपी ने साफ किया कि वह आखिरी सांस तक शिवरायों के सम्मान के लिए संघर्ष करती रहेगी।
मामले को और आगे बढ़ाते हुए बीजेपी ने कांग्रेस पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर भी हमला बोला और कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान कई घोटाले सामने आए थे।
इधर, पहलगाम हमले में पुणे निवासी संतोष जगदाले की मृत्यु का उल्लेख करते हुए बन ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशील है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित परिवार को न्याय और सहायता दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, शिवाजी महाराज की तुलना को लेकर उठे इस विवाद ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया उबाल ला दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्माने के संकेत दे रहा है।