
पुणे: समर्थ पुलिस स्टेशन में एक कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर बहुजन समाज से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। बहुजन यूथ पँथर की राष्ट्रीय संघटक सुषमा शिंदे ने पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए समर्थ पुलिस स्टेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सार्वजनिक विरोध जताया।
सुषमा शिंदे के अनुसार, मातंग समाज की महिला रूपाली आवारे द्वारा बौद्ध समाज के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उनका आरोप है कि इस मामले में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे लोगों को कई घंटों तक पुलिस स्टेशन में बैठाए रखा गया और एफआईआर दर्ज करने के बजाय एनसी (Non-Cognizable) दर्ज किए जाने की बात कही गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों द्वारा भीमसैनिकों के साथ कथित तौर पर अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया गया। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने समर्थ पुलिस स्टेशन के पुलिस प्रशासन का सार्वजनिक निषेध करने की बात कही।
बहुजन यूथ पँथर की ओर से मामले में उचित कानूनी कार्रवाई और शिकायत को गंभीरता से लेने की मांग की गई है। हालांकि, मामले में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सुषमा शिंदे, राष्ट्रीय संघटक, बहुजन यूथ पँथर ने अंत में “जय भीम, जय शिवराय” का नारा भी दिया।