मुंबई: शिवसेना (उद्धव गुट) नेता संजय राउत के बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राम कुलकर्णी ने कहा कि संजय राउत चाहे सोनिया गांधी की कितनी भी पैरवी करें, इससे भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। यहां तक कि अगर संजय राउत खुद को कांग्रेस का आधिकारिक प्रवक्ता भी घोषित कर दें, तब भी भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है।

राम कुलकर्णी ने कहा कि असली सवाल यह है कि वर्ष 2004 में सोनिया गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पद स्वीकार न किए जाने के फैसले का स्वागत तत्कालीन शिवसेना प्रमुख स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने क्यों किया था। इसका कारण बिल्कुल स्पष्ट था। सोनिया गांधी के विदेशी नागरिकत्व का मुद्दा उस समय देश में बड़ा विवाद खड़ा कर सकता था, जिससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने की पूरी आशंका थी। देशहित को प्राथमिकता देते हुए ही बालासाहेब ठाकरे ने सोनिया गांधी के उस निर्णय का स्वागत किया था।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि आज संजय राउत जानबूझकर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, मानो सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद ठुकराकर कोई महान त्याग किया हो। उन्होंने इसे इतिहास का अपलाप बताते हुए कहा कि यह जनता को गुमराह करने की साजिश है।

राम कुलकर्णी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “करने चले गणपति और बन बैठे माकड़” ठीक यही स्थिति संजय राउत की हो गई है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक लाभ के लिए इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करना जनता को भ्रमित करने के अलावा कुछ नहीं है और ऐसे प्रयासों का पर्दाफाश किया जाता रहेगा।