Home दुनियासोने पर बढ़ती कस्टम ड्यूटी और टैक्स से ज्वेलरी इंडस्ट्री चिंतित, सरकार से समाधान की मांग

सोने पर बढ़ती कस्टम ड्यूटी और टैक्स से ज्वेलरी इंडस्ट्री चिंतित, सरकार से समाधान की मांग

by Kalpana Pandey
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सोने पर बढ़ती कस्टम ड्यूटी और

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल के अध्यक्ष राजेश रोकडे ने सोने की बढ़ती कीमतों, कस्टम ड्यूटी और टैक्स व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सोना खरीदने को लेकर दिए गए बयान के पीछे निश्चित रूप से कोई बड़ा आर्थिक कारण रहा होगा, क्योंकि इसका सीधा असर ज्वेलरी इंडस्ट्री और लाखों लोगों के रोजगार पर पड़ रहा है।


राजेश रोकडे ने कहा कि सोने का आयात डॉलर में होता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर की कीमत का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस इंडस्ट्री से 40 से 50 लाख नहीं बल्कि एक करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं काम करती हैं। ऐसे में यदि हालात नहीं सुधरे तो इंडस्ट्री पर लॉकडाउन जैसे संकट की स्थिति आ सकती है।


उन्होंने कहा कि कस्टम ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने से कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है। नियमों के तहत व्यापार करने वाले कारोबारियों के लिए ग्राहकों को नया सोना उपलब्ध कराना मुश्किल होता जा रहा है, जबकि अवैध तरीके से सोने की एंट्री बढ़ने का खतरा भी पैदा हो सकता है।


रोकडे ने बताया कि इंडस्ट्री सरकार के विरोध में नहीं है, बल्कि सकारात्मक समाधान चाहती है। इसके लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जेम एंड ज्वेलरी सेक्टर ने “गोल्ड मॉनिटाइजेशन” को लेकर एक टीम भी बनाई है, जिससे आने वाले वर्षों में सोने के आयात की जरूरत कम की जा सकेगी।


उन्होंने सरकार से मांग की कि पुराने सोने की बिक्री पर कैपिटल टैक्स नहीं लगाया जाए और पुराने सोने के बदले नए गहने लेने पर GST में राहत दी जाए। उनका कहना है कि सरकार, व्यापारी और ग्राहकों तीनों के हित को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालना जरूरी है।

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