उल्हासनगर महानगरपालिका चुनाव के माहौल में वंचित बहुजन आघाड़ी की जाहीर सभा ने सियासी गर्मी बढ़ा दी है। सुभाष टेकड़ी इलाके में आयोजित इस भव्य जनसभा में युवा नेता सुजात आंबेडकर ने शिवसेना-भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार और विकास निधि की लूट के आरोप लगाए। भारी संख्या में जुटी भीड़ ने साफ संकेत दे दिया कि उल्हासनगर में बदलाव की मांग तेज हो रही है।
सभा को संबोधित करते हुए सुजात आंबेडकर ने कहा कि बीते कई वर्षों से उल्हासनगर और खासकर सुभाष टेकड़ी क्षेत्र की हालत बदहाल है। विकास के नाम पर आने वाला पैसा सत्ताधारियों ने अपनी जेब में डाल लिया और आम जनता को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उल्हासनगर की तिजोरी लूटी है, अब उन्हें सत्ता से बाहर करने का वक्त आ गया है।

सुजात आंबेडकर ने वंचित बहुजन आघाड़ी का विजन रखते हुए कई बड़े वादे किए। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर हर घर को 24 घंटे स्वच्छ पानी, आंतरिक सड़कों का कंक्रीटीकरण और अंडरग्राउंड ड्रेनेज योजना लागू की जाएगी, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से निजात मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने पालिका स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं के साथ मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण अंग्रेज़ी शिक्षा देने और ‘केजी से पीजी’ तक मुफ्त शिक्षा लागू करने का ऐलान किया।
घरकुल घोटाले का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और पात्र लाभार्थियों को उनका हक का घर दिलाया जाएगा। विरोधियों पर निशाना साधते हुए सुजात आंबेडकर ने “नकली आंबेडकरवादियों” से सावधान रहने की अपील की और कहा कि कुछ लोग बाबासाहेब का नाम लेते हैं, लेकिन अंदरखाने सत्ताधारियों के इशारे पर काम करते हैं।

चुनाव में पैसों के खेल पर करारा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि 500 रुपये में वोट बेचना मतलब दिन के सिर्फ 35 पैसे में अपना भविष्य बेचने जैसा है। उन्होंने जनता से अपील की कि यह चुनाव उनके हक और उनके भविष्य का है, इसलिए सोच-समझकर फैसला लें…
सभा के दौरान जय भीम के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि इस जनसभा के बाद उल्हासनगर की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं।