फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री (बैनामा) प्रणाली के विरोध में फर्रुखाबाद जिले की तीनों तहसीलों के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण रजिस्ट्री और बैनामे का काम पूरी तरह ठप रहा, जिससे प्रतिदिन करीब 2 से 3 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का दावा किया जा रहा है।
तहसील सदर, कायमगंज और अमृतपुर में करीब 500 से अधिक अधिवक्ता, कातिब और स्टांप वेंडर कामकाज से विरत रहकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के चलते जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए पहुंचे लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री प्रणाली से पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित होगी और इससे अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा स्टांप वेंडरों के रोजगार पर असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था को वापस लेने की मांग की है।
संयुक्त सचिव विकास सक्सेना ने बताया कि जब तक सरकार ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। धरना प्रदर्शन में तहसील सदर, कायमगंज और अमृतपुर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ दस्तावेज लेखक संघ और स्टांप वेंडरों ने भी भाग लिया।
हड़ताल के चलते जिले के रजिस्ट्री कार्यालयों में कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा और राजस्व संग्रह पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है। अब सभी की नजर सरकार और अधिवक्ताओं के बीच संभावित वार्ता पर टिकी है।