Home देशअंबरनाथ- अकोट की युति से BJP का दोहरा चेहरा बेनकाब, सत्ता के लिए ओवैसी की MIM भी मंजूर: हर्षवर्धन सपकाळ

अंबरनाथ- अकोट की युति से BJP का दोहरा चेहरा बेनकाब, सत्ता के लिए ओवैसी की MIM भी मंजूर: हर्षवर्धन सपकाळ

by Real Khabren
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अंबरनाथ- अकोट की युति से BJP

महाराष्ट्र की राजनीति में अंबरनाथ और अकोट से जुड़े घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने कहा है कि अंबरनाथ और अकोट में बनी युतियों ने भाजपा का दुतोंडी और अवसरवादी चेहरा पूरी तरह उजागर कर दिया है। सत्ता की भूख में भाजपा को अब ओवैसी की एमआईएम से भी गठबंधन करने में कोई संकोच नहीं रह गया है, जो भाजपा के नैतिक अधःपतन को दर्शाता है।


जालना में महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए हर्षवर्धन सपकाळ ने कहा कि अंबरनाथ नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसमें कांग्रेस के 12 नगरसेवक निर्वाचित हुए। लेकिन बिना किसी चर्चा के इन नगरसेवकों द्वारा अपनाई गई भूमिका पार्टी के खिलाफ थी। जैसे ही मामला संज्ञान में आया, कांग्रेस ने तत्काल कड़ा कदम उठाते हुए सभी 12 नगरसेवकों को पार्टी से बर्खास्त कर दिया।


कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जहां कांग्रेस ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की, वहीं भाजपा ने इन नगरसेवकों पर कोई कार्रवाई करने के बजाय उन्हें अपने दल में शामिल कर लिया। यह भाजपा की कथनी और करनी के फर्क को साफ तौर पर दिखाता है। सपकाळ ने कहा कि अंबरनाथ में कांग्रेस के नगरसेवकों को शामिल करना और अकोट में ओवैसी की एमआईएम से युति करना भाजपा की राजनीतिक अवसरवादिता का जीता-जागता उदाहरण है।

हर्षवर्धन सपकाळ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले पर केवल एक बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। भाजपा को ऐसी अभद्र और सिद्धांतहीन युतियां करते समय शर्म आनी चाहिए। कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाली भाजपा आज खुद कांग्रेसयुक्त होती जा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के लातूर में दिए गए बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख पर टिप्पणी की थी। सपकाळ ने कहा कि विलासराव देशमुख का महाराष्ट्र के विकास में बड़ा योगदान रहा है, लेकिन भाजपा की मानसिकता यह है कि राज्य के विकास में योगदान देने वाले नेताओं के नाम और विरासत को मिटा दिया जाए। उन्होंने कहा कि शिवराज पाटील चाकूरकर, प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे और शंकरराव चव्हाण जैसे नेताओं के योगदान को भी भाजपा भुलाना चाहती है।

नांदेड की एक सभा का हवाला देते हुए सपकाळ ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अशोक चव्हाण के सामने ही नांदेड के विकास को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की, जो भाजपा के अहंकार और मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल नेताओं के नाम ही नहीं, बल्कि शिव, शाहू, फुले और डॉ. आंबेडकर के विचारों को भी मिटाने की कोशिश कर रही है।

हर्षवर्धन सपकाळ ने राज्य में बड़ी संख्या में सत्ताधारी दल के नगरसेवकों के बिनविरोध चुने जाने पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह लोकप्रियता का नहीं, बल्कि डर, धमकी और पैसों के लालच का परिणाम है। आरोप है कि पुलिस, प्रशासन और यहां तक कि चुनाव आयोग भी सत्ताधारियों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान के लिए गंभीर खतरा बताया।
इस पत्रकार वार्ता में सांसद डॉ. कल्याण काळे, विधायक राजेश राठोड, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र राख, जिला अध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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