Home राज्यउत्तराखंडऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज, गंगा तट पर योग-संगीत और आध्यात्म का अनोखा संगम

ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज, गंगा तट पर योग-संगीत और आध्यात्म का अनोखा संगम

by Suhani Sharma
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उत्तराखंड के ऋषिकेश में विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का भव्य आगाज हो गया है। गंगा के पावन तट पर शुरू हुए इस महोत्सव में देश-विदेश से आए योग साधक और आध्यात्मिक गुरु योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति के विविध आयामों का अनुभव कर रहे हैं।
महोत्सव के पहले ही दिन ऋषिकेश का माहौल योग और अध्यात्म की ऊर्जा से सराबोर नजर आया। गंगा आरती के दौरान योग साधकों ने संगीत, योग और पारंपरिक मल्लखंब के अद्भुत संगम का आनंद लिया। सुबह से लेकर शाम तक आयोजित योग सत्रों, आध्यात्मिक प्रवचनों, वैदिक अनुष्ठानों और प्रेरणादायक संगीत कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को दिव्य और प्रेरणादायक बना दिया।
महोत्सव के प्रातःकालीन सत्र में योगाचार्य दासा दास ने प्रतिभागियों को हठ योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया, वहीं ईरान की योगाचार्य आध्या ने पारंपरिक हठ योग और हठ विन्यास योग का प्रशिक्षण दिया… कैवल्यधाम योग संस्थान की प्राणायाम विशेषज्ञ संध्या दीक्षित ने ‘प्राणायाम की शक्ति’ विषय पर विशेष सत्र लेकर योग जिज्ञासुओं को श्वास साधना के महत्व से अवगत कराया।


इसी क्रम में योगाचार्य सेंसई संदीप देसाई ने ‘ताई-ची फ्लो’ सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को संतुलन और आंतरिक शांति का अनुभव कराया। इसके अलावा “मैट से मिशन तक कर्मयोग के रूप में जीवन जीना” विषय पर आयोजित विशेष संवाद सत्र में योग को जीवन के हर पहलू से जोड़ने पर जोर दिया गया।
संवाद सत्र में डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती, ईशान तिगुनायत, योगाचार्या शिवा रे, आनंद मेहरोत्रा, टॉमी रोसेन और ईडन गोल्डमैन जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह सेवा, करुणा, जागरूकता और सकारात्मक जीवन दृष्टि का मार्ग भी है।
दिनभर चले सत्रों में प्रतिभागियों ने मंत्र योग, चक्र बैलेंसिंग विन्यास, विन्यास योग, हृदय-केंद्रित ध्यान, कुंडलिनी योग और योग दर्शन पर गहन चर्चा जैसे अनेक अनुभव प्राप्त किए…
गौरतलब है कि इस अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में 13 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और 14 मार्च को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह भी विशेष रूप से प्रतिभाग करेंगे। योग और अध्यात्म के इस वैश्विक आयोजन में दुनिया भर से आए साधक भारतीय योग परंपरा की गहराई को महसूस कर रहे हैं।

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