उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में भ्रष्टाचार के आरोप में बड़ी कार्रवाई सामने आई है।सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चौधरी को एक महिला उद्यमी से ऋण दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार बघौली थाना क्षेत्र के अछरामऊ गांव की रहने वाली सीमा देवी ने Bank of Baroda की कछौना शाखा में Mukhyamantri Yuva Udyami Yojana के तहत पाँच लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि बैंक के वसूली प्रतिनिधि और बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चौधरी ने ऋण दिलाने के बदले महिला से 45 हजार रुपये की रिश्वत ली।
महिला उद्यमी ने इस मामले की शिकायत लखनऊ में सीबीआई के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग से की थी। शिकायत की जांच के बाद सीबीआई की टीम ने मंगलवार शाम कछौना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए सुरेश चौधरी को उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह अपने समर्थकों के साथ बैठक कर रहे थे।
सीबीआई की टीम उन्हें पूछताछ के लिए बालामऊ रेलवे अतिथि गृह ले गई, जहां लगभग सात घंटे तक उनसे पूछताछ की गई। शुरुआत में सुरेश चौधरी ने आरोपों से इनकार किया, लेकिन लंबी पूछताछ के बाद उन्होंने रिश्वत लेने की बात स्वीकार कर ली। हालांकि उन्होंने इस पूरे मामले में बैंक प्रबंधक की भूमिका होने की बात कही।

पूछताछ के बाद सीबीआई ने सुरेश चौधरी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) और Prevention of Corruption Act, 1988 की धारा 7 के तहत गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम उन्हें अपने साथ लखनऊ लेकर रवाना हो गई। मामले में अब बैंक प्रबंधक की तलाश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि सुरेश चौधरी Bahujan Samaj Party से जुड़े रहे हैं और जुलाई 2020 से लेकर 2022 के विधानसभा चुनाव तक हरदोई के जिलाध्यक्ष रहे। विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद उन्हें इस पद से हटा दिया गया था।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद जब टीम उन्हें लेकर जा रही थी, तब वे मीडियाकर्मियों को देखकर अपना चेहरा छिपाते हुए दिखाई दिए। फिलहाल सीबीआई इस पूरे मामले में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।