मुंबई की प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक संस्था एशियाटिक सोसाइटी ऑफ मुंबई में 14 मार्च को होने वाले चुनाव को लेकर माहौल गरमाने लगा है। करीब दो सौ साल से अधिक पुरानी इस संस्था की नई कार्यकारी समिति के गठन के लिए सदस्य मतदान करेंगे। इसी चुनाव को लेकर “एशियाटिक टूमॉरो” नाम से एक नया पैनल मैदान में उतरा है।

पैनल से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि संस्था के बेहतर भविष्य और पारदर्शी कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए यह पैनल तैयार किया गया है। उनके अनुसार उपाध्यक्ष पद के लिए प्रसिद्ध रंगकर्मी चंद्रप्रकाश मेवाड़ी, विद्वान मुनीशिश भारतवाज, मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु डॉ. संजय देशमुख और साहित्यकार-पत्रकार व विचारक रमेश पतंगे चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं सचिव पद के लिए एशियाटिक सोसाइटी से लंबे समय से जुड़े वैज्ञानिक विष्णु गुप्त को उम्मीदवार बनाया गया है। पैनल के सदस्यों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य संस्था में आर्थिक अनुशासन को मजबूत करना, संसाधनों को बढ़ाना और एशियाटिक सोसाइटी के दायरे को मुंबई के विभिन्न उपनगरों तक विस्तारित करना है। साथ ही संस्था में अंग्रेजी के साथ-साथ मराठी, हिंदी, गुजराती जैसी भारतीय भाषाओं को भी समान सम्मान दिलाने पर जोर दिया जाएगा।
इस दौरान पैनल की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि पिछले कुछ समय में संस्था के भीतर गैरव्यवहार और आर्थिक अनुशासन के उल्लंघन जैसी घटनाएँ सामने आई हैं। साथ ही संस्था के राजनीतिकरण की कोशिशें भी हुई हैं। पैनल ने साफ कहा कि एशियाटिक सोसाइटी को दलगत राजनीति से दूर रखना जरूरी है और इसी उद्देश्य के साथ वे चुनाव मैदान में उतरे हैं। पैनल के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि चुनाव में उतरने वाले अन्य पैनल भी इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट भूमिका रखें। उनका दावा है कि “राष्ट्र प्रथम” के दृष्टिकोण के साथ वे संस्था के विकास और पारदर्शी संचालन के लिए काम करेंगे और उन्हें उम्मीद है कि एशियाटिक सोसाइटी के सदस्य उनके प्रयासों का समर्थन करेंगे।