जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज Blessing Muzarabani के एक फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को नाराज़ कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजरबानी ने Pakistan Super League यानी पीएसएल में खेलने के बजाय आईपीएल को प्राथमिकता दी है, जिसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है।
दरअसल, मुजरबानी को पीएसएल की फ्रेंचाइज़ी Islamabad United ने करीब 11 मिलियन पाकिस्तानी रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। उन्हें टीम में Shamar Joseph की जगह लाया गया था। लेकिन इसी बीच आईपीएल फ्रेंचाइज़ी Kolkata Knight Riders ने उन्हें अपने स्क्वॉड में शामिल कर लिया, जिसके बाद मुजरबानी ने पीएसएल की जगह आईपीएल खेलने का फैसला किया।
रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी इस फैसले को कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन मान रहा है और लीगल विकल्पों पर विचार कर रहा है। अगर कार्रवाई होती है तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कॉन्ट्रैक्ट विवाद का बड़ा उदाहरण बन सकता है।

गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा साल है जब किसी खिलाड़ी ने पीएसएल कॉन्ट्रैक्ट होने के बावजूद आईपीएल को प्राथमिकता दी है। पिछले सीजन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज Corbin Bosch ने भी ऐसा ही फैसला लिया था। उन्हें पीएसएल में Peshawar Zalmi ने चुना था, लेकिन बाद में वह आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस के साथ जुड़ गए थे।
हाल ही में संपन्न टी 20 वर्ल्ड कप में मुजरबानी ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 13 विकेट लेकर जिम्बाब्वे को सुपर-8 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके चार विकेट जिम्बाब्वे की बड़ी जीत की वजह बने थे।

दरअसल इस बार आईपीएल और पीएसएल का शेड्यूल आपस में टकरा रहा है। आईपीएल 28 मार्च से शुरू होकर 31 मार्च तक खेला जाएगा, जबकि पीएसएल 26 मार्च से 3 मई तक प्रस्तावित है। ऐसे में कई विदेशी खिलाड़ियों के सामने दोनों लीगों में से किसी एक को चुनने की चुनौती खड़ी हो गई है। अब देखना होगा कि पीसीबी इस विवाद में क्या कदम उठाता है।