मुंबई के चांदिवली विधानसभा क्षेत्र में भाषा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारत गैस द्वारा लगाए गए बैनरों में मराठी भाषा को नजरअंदाज कर केवल हिंदी का इस्तेमाल किए जाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, यानी मनसे के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया।
मनसे के चांदिवली विभाग अध्यक्ष महेंद्र भानुशाली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने इलाके में लगे हिंदी बैनरों को फाड़ दिया और इसे मराठी भाषा का खुला अपमान बताया। उनका कहना है कि महाराष्ट्र में मराठी को प्राथमिकता देना हर संस्था और कंपनी की जिम्मेदारी है, और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल भी देखने को मिला। हालांकि, किसी तरह की हिंसा या बड़ी झड़प की खबर नहीं है।
फिलहाल, Bharat Gas की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर मुंबई में भाषा और पहचान की राजनीति को हवा दे दी है।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या कदम उठाता है और क्या भविष्य में इस तरह के विवादों को रोकने के लिए कोई ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।