केंद्र सरकार ने देश की एयर कनेक्टिविटी, इमिग्रेशन और पर्यावरण से जुड़े बड़े फैसले लिए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देशभर में 100 नए एयरपोर्ट बनाने को मंजूरी दे दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिले और आर्थिक विकास को गति मिल सके।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हर एक एयरपोर्ट पर औसतन करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कुल मिलाकर इस योजना के लिए 12,159 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। माना जा रहा है कि इससे टूरिज्म, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही सरकार ने उड़ान 2.0 योजना के विस्तार को भी मंजूरी दी है, जिससे सस्ती हवाई यात्रा का दायरा और बढ़ेगा और आम नागरिकों के लिए एयर ट्रैवल और आसान होगा।
इसी बैठक में इमिग्रेशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है। विदेश से आने वाले नागरिकों के वीज़ा और ट्रैकिंग सिस्टम की योजना को 2031 तक बढ़ा दिया गया है। इससे सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने में मदद मिलेगी और देश में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी।
सरकार के इन फैसलों को देश की इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
