
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कहा है कि विजय की TVK राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, इसलिए राज्यपाल को संवैधानिक परंपरा के तहत उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि राज्यपाल इस आधार पर विजय को बुलाने से इनकार नहीं कर सकते कि पार्टी के पास पूर्ण बहुमत का आंकड़ा नहीं है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 164(2) का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद को विधानसभा में बहुमत साबित करना होता है।
आंबेडकर ने अपने बयान में 1989 और 1996 के राजनीतिक उदाहरणों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1989 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार नहीं बना सकी थी, जिसके बाद वी पी सिंह को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था। वहीं 1996 में अटल बिहारी वाजपेई को सबसे बड़ी पार्टी के नेता होने के नाते सरकार बनाने का मौका दिया गया था, हालांकि बाद में बहुमत साबित न कर पाने पर उनकी सरकार गिर गई थी।
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि इसी संवैधानिक परंपरा के तहत तमिलनाडु में भी TVK को सरकार गठन का पहला अवसर मिलना चाहिए और विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जानी चाहिए।