
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में सरकारी डॉक्टर की निजी प्रैक्टिस का मामला उस वक्त उजागर हो गया, जब एक निजी अस्पताल में बकाया रकम की वसूली को पहुंचे एजेंट के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई। मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के दलालघाट रोड स्थित आई पी सिटी हॉस्पिटल का है।
जानकारी के मुताबिक मुकेरीगंज निवासी अभिषेक शर्मा अस्पताल में एक लाख 26 हजार 614 रुपये की बकाया रकम लेने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद चिकित्सक डॉ. नवनीत गुप्ता और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
बताया जा रहा है कि डॉ. नवनीत गुप्ता मंडलीय जिला चिकित्सालय में फिजिशियन के पद पर तैनात हैं। घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जो सरकारी ड्यूटी के समय का हिस्सा माना जाता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर का निजी अस्पताल में मौजूद होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म कर लिया, इसलिए कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
वहीं मंडलीय जिला चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. सतीश कन्नौजिया ने कहा कि ड्यूटी समय में चिकित्सकों का ओपीडी में रहना अनिवार्य है। दूसरी ओर सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने साफ कहा कि सरकारी डॉक्टरों द्वारा निजी प्रैक्टिस करना गलत है और मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अब इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।