मुंबई के बांद्रा स्थित रंग शारदा नाट्यगृह में आयोजित “मराठी बोला महाराष्ट्र जोड़ा” मेळावे ने रविवार को महाराष्ट्र की भाषा और सामाजिक राजनीति के बीच बड़ा संदेश देने का काम किया। बीजेपी नेता और पूर्व अल्पसंख्यक अध्यक्ष हाजी अराफात शेख के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों रिक्षा और टैक्सी चालकों ने मराठी भाषा में शपथ ली।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि उत्तर भारतीय, हिंदी भाषी और मुस्लिम समाज के चालक एक साथ मंच पर पहुंचे और मराठी भाषा सीखने, महाराष्ट्र की संस्कृति का सम्मान करने तथा सामाजिक भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।
मेळावे के दौरान “वाद नहीं… संवाद चाहिए, द्वेष नहीं… प्रेम चाहिए” का संदेश प्रमुखता से दिया गया। हाजी अराफात शेख ने कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाला हर नागरिक मराठी भाषा और संस्कृति का सम्मान करता है, लेकिन भाषा के नाम पर नफरत फैलाने की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशिष शेलार, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, मुंबई महापौर रितू तावडे, प्रवीण दरेकर, विधायक मुरजी पटेल समेत कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में रिक्षा-टैक्सी चालकों की समस्याएं, स्वच्छ मुंबई अभियान और सामाजिक एकता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मेळावा केवल एक संगठन का वर्धापन दिन समारोह नहीं था, बल्कि मुंबई में भाषा और पहचान की राजनीति के बीच सामाजिक एकता और संवाद का बड़ा शक्ति प्रदर्शन बनकर सामने आया।