
गाजीपुर के बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल लूटकांड मामले में मंगलवार को पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यानी सीजेएम कोर्ट में पेश हुए। पेशी के बाद वह कुछ ही देर में वापस रवाना हो गए।
यह मामला सैदपुर थाना क्षेत्र का है, जो 3 दिसंबर 1990 को दर्ज किया गया था। आरोप है कि उस समय देवकली पंप कैनाल पर नहर निर्माण का कार्य चल रहा था और ठेकेदार सरफराज अंसारी अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह और विजयनारायण सिंह समेत कुछ लोग हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे थे।
आरोपियों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने, मारपीट करने और लूटपाट करने का आरोप है। घटना के दौरान वहां खड़े एक ट्रक के टायर में गोली मारकर उसे पंक्चर कर दिया गया था। अचानक हुई फायरिंग और हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी और ठेकेदार समेत कर्मचारी अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले थे।
मामले में कुल तीन मुख्य आरोपी बताए गए हैं। इनमें से त्रिभुवन सिंह और विजयनारायण सिंह से जुड़ी फाइल हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जबकि बृजेश सिंह के मामले को अलग कर गाजीपुर की सीजेएम कोर्ट में सुनवाई की जा रही है।
करीब 36 साल पुराने इस मामले में एक बार फिर अदालत में सुनवाई तेज होने से राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा बढ़ गई है।