
महाराष्ट्र सरकार ने आर्थिक अनुशासन और खर्च में कटौती को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य के सभी सरकारी विभागों, जिलाधिकारियों, महानगरपालिकाओं और प्रशासनिक इकाइयों के लिए नई काटकसर नीति लागू कर दी गई है।
नई गाइडलाइन के तहत अब वरिष्ठ अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन लोकल ट्रेन, मेट्रो या सार्वजनिक बस से यात्रा करनी होगी। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और अफसरों का आम जनता से सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा।
सरकार ने सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर भी सख्ती दिखाई है। अनावश्यक सरकारी गाड़ियों के उपयोग से बचने, कारपूलिंग अपनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं नए सरकारी वाहनों की खरीद को भी सीमित कर दिया गया है और केवल जरूरी मामलों में ही मंजूरी दी जाएगी।
ऊर्जा बचत को लेकर सरकारी दफ्तरों में एसी का तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने का आदेश दिया गया है। साथ ही जरूरत न होने पर लाइट, पंखे और अन्य बिजली उपकरण बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने बैठकों, ट्रेनिंग कार्यक्रमों और कॉन्फ्रेंस को अधिकतम ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया है ताकि यात्रा और आवास जैसे खर्चों में कटौती हो सके।
इसके अलावा “प्रधानमंत्री सूर्यघर” योजना के तहत सरकारी इमारतों में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया है। स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि इन कदमों से सरकारी खर्च में बड़ी बचत होगी, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।