
वर्धा, महाराष्ट्र:
वर्धा में गोरस भंडार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई के बाद दूध उत्पादक किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। गोरस भंडार को अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश के विरोध में किसानों ने सड़क पर हजारों लीटर दूध बहाकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने गोरस भंडार पर कार्रवाई करते हुए करीब 25 लाख 86 हजार रुपये मूल्य के दुग्ध उत्पादों का स्टॉक जब्त किया है। साथ ही उत्पादन और व्यवसाय पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।
इस कार्रवाई से गोरस भंडार से जुड़े लगभग 525 दूध उत्पादक किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना है कि वे प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध की आपूर्ति करते हैं, लेकिन भंडार बंद होने से उनके सामने दूध बिक्री और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कुछ किसानों और स्थानीय नागरिकों ने दावा किया कि इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों की आय प्रभावित होगी।
किसानों की मांग है कि प्रशासन तत्काल गोरस भंडार को दूध खरीदने की अनुमति दे या फिर किसानों के दूध के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।