नई दिल्ली: भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनकर उभर रहा है। OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत में हर हफ्ते 10 करोड़ से ज्यादा सक्रिय AI उपयोगकर्ता हैं, जो अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत आने वाले समय में डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करने की पूरी क्षमता रखता है।
नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत में युवा पीढ़ी तेजी से AI को सीख रही है और इसे अपने भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण साधन मान रही है। उन्होंने बताया कि OpenAI भारत में AI साक्षरता बढ़ाने, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और AI को रोजमर्रा के कामों में शामिल करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि AI के अधिकतम लाभ के लिए तीन चीजें सबसे जरूरी हैं तकनीक तक सभी की पहुंच, शिक्षा और कार्यस्थलों में इसका उपयोग, और लोगों को AI का आत्मविश्वास के साथ इस्तेमाल करने की क्षमता देना। इससे लोग सिर्फ AI के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इसके विकास में भागीदार भी बन सकेंगे।
सैम ऑल्टमैन ने भारत सरकार के IndiaAI मिशन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल देश की कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने, स्टार्टअप्स को समर्थन देने और स्वास्थ्य, कृषि व सार्वजनिक सेवाओं में AI के उपयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि AI का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए तकनीक को सुलभ, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना होगा। OpenAI भारत में लंबे समय तक काम करने के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार व संस्थानों के साथ मिलकर नई साझेदारियों पर काम कर रहा है।
सैम ऑल्टमैन ने विश्वास जताया कि AI न केवल भारत के भविष्य को आकार देगा, बल्कि भारत भी दुनिया में AI के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।