पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य टकराव अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि उसकी सुरक्षा बलों ने अफगान तालिबान के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत अब तक 350 से अधिक तालिबान लड़ाकों को मार गिराया है। साथ ही 26 सैन्य चौकियों पर कब्जा करने का भी दावा किया गया है।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान वायुसेना ने सीमा पार कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का दायरा सीमावर्ती क्षेत्रों से आगे बढ़ते हुए अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों काबुल और कंधार तक पहुंचने का दावा किया गया है। इसे हाल के वर्षों में अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तान की सबसे गहरी और आक्रामक सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है।

दूसरी ओर, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। सीमा पर ज़मीनी झड़पें, तोपखाने से गोलाबारी और हवाई हमलों के चलते हालात अत्यंत तनावपूर्ण बने हुए हैं। स्थानीय नागरिकों में दहशत का माहौल है और सीमावर्ती इलाकों से लोगों के पलायन की सूचनाएं मिल रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव जल्द नहीं थमा तो दक्षिण और मध्य एशिया में एक नए क्षेत्रीय संकट की स्थिति बन सकती है। कई वैश्विक शक्तियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों देशों से संयम बरतने और तत्काल वार्ता शुरू करने की अपील की है।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से कड़े बयानबाज़ी का दौर जारी है और सीमा पर सैन्य गतिविधियां तेज बनी हुई हैं, जिससे आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।