उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम पुलिस ने कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार से अर्जित करीब ₹50.9 लाख की संपत्ति को जब्त और फ्रीज कराया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस के अनुसार, थाना दीदारगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 319/25 की जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी विकास सिंह उर्फ “नरवे” अवैध कारोबार से भारी मुनाफा कमा रहा था।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने इसी अवैध कमाई से अपने पैतृक गांव में लगभग ₹27.25 लाख की लागत से मकान बनवाया। इसके अलावा, लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित शालीमार वन वर्ल्ड परियोजना में एक फ्लैट भी बुक कराया गया था, जिसकी कुल कीमत करीब ₹1.61 करोड़ है। इसमें से ₹23.64 लाख की अग्रिम राशि जमा की गई थी, जिसे पुलिस ने फ्रीज कर दिया है।
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(2) के तहत कार्रवाई करते हुए ई-कोर्ट के माध्यम से सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली से आदेश प्राप्त कर इन संपत्तियों को जब्त किया।
आरोपी विकास सिंह के खिलाफ जौनपुर और वाराणसी समेत विभिन्न जिलों में धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी देवेन्द्र प्रताप सिंह की टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई को अवैध संपत्तियों के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।