ओडिशा के गंजाम जिले के बरहमपुर शहर में शनिवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हल्दियापदर चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर गलत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक के बाद एक तीन मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में ट्रक के नीचे कुचलने से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रॉन्ग साइड से आ रहा था। अचानक सामने से आ रही मोटरसाइकिलों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि कुछ पीड़ित ट्रक के पहियों के नीचे आ गए और घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर शव बिखरे पड़े थे और राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। काफी देर तक यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे आसपास के इलाकों में भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटनास्थल से सामने आए दृश्य बेहद दर्दनाक और भयावह थे।

सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और ट्रैफिक को धीरे-धीरे सामान्य किया गया। सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के लिए जिम्मेदार ट्रक चालक को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
साउथ रेंज के आईजी नीति शेखर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रक लोकल मूवमेंट में थी और गलत दिशा से आने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हुई है और सभी मृतकों की पहचान की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान सूर्य नारायण पंडा, सिबाराम जेना, जगन नाहक और राकेश नाहक के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

इस दर्दनाक हादसे पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई घायल है तो उसे बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की गंभीर जरूरत को उजागर करता है। गलत दिशा में वाहन चलाना और तेज रफ्तार जैसी लापरवाहियां किस तरह जानलेवा साबित हो सकती हैं, यह घटना उसका दर्दनाक उदाहरण बन गई है।