मुंबई के केईएम अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक और मरीजों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने अस्पताल प्रशासन को ‘हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम’ यानी HMIS को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

अस्पताल के दौरे के दौरान आयुक्त ने साफ कहा कि सभी विभाग प्रमुख इस डिजिटल सिस्टम को पूरी क्षमता के साथ अपनाएं, ताकि मरीजों को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित सेवाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि HMIS के जरिए मिलने वाले डेटा और डैशबोर्ड की नियमित समीक्षा की जाए, जिससे इलाज की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो सके।

दौरे के दौरान आयुक्त ने रजिस्ट्रेशन काउंटर, ICU, जनरल वार्ड और इमरजेंसी विभाग का निरीक्षण किया और वहां चल रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यह भी समझा कि मरीजों की जानकारी, जांच रिपोर्ट और इलाज से जुड़े डेटा को HMIS सिस्टम में कैसे जोड़ा जा रहा है।
बैठक में अस्पताल के पुनर्विकास, बेड क्षमता बढ़ाने और नई इमारतों के निर्माण पर भी चर्चा हुई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि नई इमारतों में ऑपरेशन थिएटर, लैब और अन्य सुविधाएं एक ही जगह पर विकसित की जाएं, जिससे मरीजों का समय बचे और इलाज में तेजी आए।
इसके साथ ही केईएम अस्पताल में मल्टीस्पेशियलिटी रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधा शुरू करने की योजना बनाने को भी कहा गया है। इस सुविधा को CSR के माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयुक्त ने यह भी कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ मरीजों तक जल्दी पहुंचे, इसके लिए उन्हें HMIS से जोड़ा जाए। साथ ही अस्पताल की आय बढ़ाने के लिए अन्य योजनाओं के तहत एम्पैनलमेंट पर भी काम करने को कहा गया।
बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए आयुक्त ने सुझाव दिया कि प्राथमिक इलाज नजदीकी अस्पतालों और क्लीनिकों में उपलब्ध कराया जाए, ताकि केईएम पर पड़ने वाला भार कम हो सके। इसके लिए बड़े अस्पतालों और उपनगरीय अस्पतालों के बीच बेहतर लिंक सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
कुल मिलाकर, केईएम अस्पताल को एक आधुनिक, डिजिटल और मरीज-केंद्रित हेल्थकेयर हब बनाने की दिशा में प्रशासन ने स्पष्ट रोडमैप तय कर दिया है।