चिपळूण:कोकण की धरती, पानी और जनता की सांसों पर हमला करने वाले प्रदूषणकारी उद्योगों के खिलाफ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बेहद सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया है। चिपळूण तालुका के खेड स्थित लोटे परशुराम एमआईडीसी में कार्यरत ‘मितेनी’-‘लक्ष्मी ऑरगॅनिक’ कंपनी को लेकर उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि, “कोकण में प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।” उन्होंने साफ किया कि विकास के नाम पर कोकण के प्राकृतिक संसाधनों और लोगों की जिंदगी को खतरे में डालने वालों के खिलाफ सरकार कठोरतम कार्रवाई करेगी।

जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की पृष्ठभूमि में चिपळूण के इंदिरा गांधी सांस्कृतिक सभागृह में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों का नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं और कोकण के भविष्य का चुनाव है। हजारों की संख्या में मौजूद जनसमूह के सामने उन्होंने शिवसेना का कोकण से ऐतिहासिक रिश्ता, कार्यकर्ताओं की ताकत, केंद्र और राज्य सरकार की ‘डबल इंजन’ सरकार की क्षमता और रत्नागिरी जिले में महायुती का परचम लहराने का संकल्प दोहराया। सभा की शुरुआत में उन्होंने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित कर वातावरण को भावुक बनाया, लेकिन इसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चुनाव विकास और विश्वास का फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत कार्यकर्ता हैं। इस पार्टी में कोई मालिक या नौकर नहीं है, हम सभी कार्यकर्ता हैं और पार्टी की पूरी इमारत कार्यकर्ताओं के परिश्रम पर खड़ी है।
विधानसभा चुनावों में महायुती के 232 विधायकों की ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह जीत उनकी ‘लाडकी बहनों’ के आशीर्वाद से मिली है। महिलाओं की मतदान शक्ति की खुले तौर पर सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं ने महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा बदल दी है।
लाडकी बहन योजना पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने दोहराया कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी। हर साल लगभग 45 हजार करोड़ रुपये खर्च कर ढाई से तीन करोड़ महिलाओं को सीधा लाभ दिया जा रहा है। इस योजना से महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिली है और समाज में सम्मान बढ़ा है।
किसानों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसान सम्मान योजना, सरल फसल बीमा योजना, कर्जमाफी के लिए समिति गठन और अतिवृष्टि के लिए 32 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छोटे किसानों को भी न्याय मिलेगा और सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री रहते हुए मुख्यमंत्री सहायता निधि के माध्यम से हजारों मरीजों को दी गई आर्थिक मदद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक हस्ताक्षर से अगर किसी की जान बचती है, तो उससे बड़ा संतोष कुछ नहीं हो सकता। अब तक 70 से 80 हजार मरीजों को सीधा लाभ मिला है।

शासन आपल्या दारी’ योजना के तहत सरकारी सेवाएं सीधे जनता तक पहुंचाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग पांच करोड़ लोगों तक सेवाएं पहुंचाई गई हैं, जिससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर बंद हुए हैं। इसे महाराष्ट्र प्रशासन की बड़ी उपलब्धि बताया गया।
कोकण के सर्वांगीण विकास के लिए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने विकास का मास्टर प्लान भी रखा। मुंबई से अलीबाग, सिंधुदुर्ग और गोवा तक ग्रीनफील्ड सड़क, कोकण विकास प्राधिकरण, काजू, आम और मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा, उद्योगों में निवेश, सड़क और रेल नेटवर्क का विस्तार और पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दों पर उन्होंने विस्तार से बात की।
मितेनी–लक्ष्मी ऑरगॅनिक जैसे प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। जो भी उद्योग लोगों की सेहत के लिए खतरा बनेगा, उसे सरकार का संरक्षण नहीं मिलेगा।
अंत में उन्होंने 7 तारीख को धनुष-बाण और कमल के निशान पर मतदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह केवल मतदान नहीं, बल्कि कोकण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का फैसला है। जनसभा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत था कि यह कार्यक्रम सिर्फ एक प्रचार सभा नहीं, बल्कि कोकण के विकास और जनहित की मजबूत राजनीतिक घोषणा बन गया है।