भिवंडी के इंदिरा गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक आदिवासी युवक के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। इस घटना के विरोध में आदिवासी समाज के लोगों ने अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के मुताबिक, भिवंडी के सेलार क्षेत्र के मिटपाड़ा निवासी संदीप बिल्लू वाघे को कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद वह एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें एक इंजेक्शन देने के बाद दूसरे इंजेक्शन और ड्रेसिंग के लिए काफी देर तक इंतजार कराया गया।

संदीप वाघे के अनुसार, जब उन्होंने देरी को लेकर डॉक्टर से सवाल किया तो डॉक्टर नाराज हो गए और उनके साथ अभद्र भाषा में बात की। इसी दौरान उनके हाथ में मोबाइल देखकर डॉक्टर को शक हुआ कि वह वीडियो बना रहे हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया।
पीड़ित का कहना है कि बाद में एक महिला डॉक्टर ने उन्हें अंदर ले जाकर इंजेक्शन लगाया, लेकिन उसी दौरान एक अन्य डॉक्टर वहां पहुंच गए और बहस करने लगे। आरोप है कि मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने उनके साथ मारपीट की, कॉलर पकड़कर घसीटा और डंडा उठाकर धमकाया।
घटना की जानकारी मिलते ही आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल के बाहर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह की घटनाएं मरीजों के मन में भय पैदा कर रही हैं, जिसे तत्काल सुधारने की जरूरत है।