मुंबई में सड़कों और फुटपाथों को अवैध फेरीवालों और अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए चलाया जा रहा अभियान आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त भूषण गगराणी ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जा रही है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
रविवार, 23 फरवरी 2026 को आयुक्त गगराणी ने ‘एफ दक्षिण’, ‘एफ उत्तर’ और ‘जी उत्तर’ वार्ड क्षेत्रों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से दादर इलाके का दौरा कर फेरीवाला मुक्त अभियान और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की समीक्षा की। निरीक्षण के समय संबंधित विभागों के अधिकारी और अभियंता भी मौजूद रहे।

आयुक्त ने कहा कि सार्वजनिक सड़कें और फुटपाथ नागरिकों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही के लिए होते हैं। अतिक्रमण के कारण जहां यातायात प्रभावित होता है, वहीं पैदल चलने वालों को भी गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए महानगरपालिका प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटाने, सामान जब्त करने और दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की है।
दादर में निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों से संवाद भी किया। नागरिकों ने फेरीवाला मुक्त सड़कों और फुटपाथ नीति का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यातायात सुचारु हो रहा है और सार्वजनिक व्यवस्था बेहतर हुई है।
प्रशासन के अनुसार, बढ़ती आबादी, ट्रैफिक जाम और फुटपाथों पर अतिक्रमण की वजह से पैदल चलना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में प्रमुख सड़कों, संकरे फुटपाथों, फ्लाईओवर के नीचे की जगहों, अस्पतालों, स्कूलों और रेलवे स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त करना प्राथमिकता है। कुछ इलाकों को ‘फेरीवाला मुक्त क्षेत्र’ घोषित कर वहां रोजाना कार्रवाई की जा रही है।

आयुक्त भूषण गगराणी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि यह कार्रवाई एक बार की नहीं बल्कि सतत अभियान के रूप में चलाई जाए। अतिक्रमण विभाग, प्रशासनिक वार्ड कार्यालयों और ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से नियमित निगरानी की जाएगी। जहां बार-बार अतिक्रमण की शिकायत मिलती है, वहां विशेष टीमें तैनात की जाएंगी।
हालांकि आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य फेरीवालों की आजीविका छीनना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों का व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करना है। पात्र और पंजीकृत फेरीवालों के लिए अधिकृत हॉकर्स जोन तय करने, सर्वेक्षण और पुनर्वास योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है, ताकि नियमों के दायरे में उन्हें व्यवसाय का अवसर मिल सके।
महानगरपालिका प्रशासन ने मुंबईकरों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें, ताकि शहर को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और नागरिकों के अनुकूल बनाया जा सके।