
मुंबई:
मुंबई में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने 26 जुलाई को संयुक्त मोर्चा निकालने का ऐलान किया है।
दोनों नेताओं ने कहा कि छात्र आंदोलनों पर हुई पुलिस कार्रवाई और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता की आवाज बुलंद की जाएगी। इस मोर्चे में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।
राजनीतिक दलों का कहना है कि यह मार्च छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है। वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
प्रस्तावित मोर्चे को देखते हुए मुंबई पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस संयुक्त प्रदर्शन का महाराष्ट्र की राजनीति पर व्यापक असर देखने को मिल सकता है।