महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह हुआ विमान हादसा पूरे देश को झकझोर देने वाला है। इस दर्दनाक दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। उनके साथ विमान में सवार चार अन्य लोगों की भी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब मुंबई से बारामती आ रहा निजी चार्टर विमान लैंडिंग की प्रक्रिया में था।
जानकारी के मुताबिक अजित पवार सुबह करीब 8 बजकर 10 मिनट पर मुंबई एयरपोर्ट से बारामती के लिए रवाना हुए थे। उन्हें जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में दिनभर में चार चुनावी सभाएं संबोधित करनी थीं। विमान सुबह करीब 8 बजकर 45 मिनट पर बारामती एयरस्ट्रिप के पास पहुंचा। शुरुआती तौर पर सब कुछ सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन लैंडिंग के दौरान अचानक हालात बिगड़ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान ने पहली बार उतरने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने के कारण वह ठीक से लैंड नहीं कर सका। इसके बाद पायलट ने विमान को दोबारा ऊपर उठाया और दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास किया। इसी दौरान जैसे ही विमान ने रनवे को छुआ, तेज झटका लगा। विमान अनियंत्रित होकर रनवे से फिसल गया और किनारे जा टकराया।
टक्कर होते ही विमान के ईंधन टैंक में विस्फोट हो गया। कुछ ही सेकंड में विमान आग की लपटों में घिर गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तेज धमाकों की आवाजें सुनीं और आसमान में काले धुएं का गुबार उठता देखा। हादसा इतना भीषण था कि किसी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के मुताबिक विमान में कुल पांच लोग सवार थे। इनमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उनका एक सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ), एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर शामिल थे। हादसे में विमान में सवार कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बचा।

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। आग इतनी भयावह थी कि शुरुआती मिनटों में बचाव कार्य मुश्किल हो गया। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक विमान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका था।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि हादसे की असली वजह ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। राज्य सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और डीजीसीए की टीम भी मौके पर जांच कर रही है।
इस हादसे के बाद पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बारामती में सन्नाटा पसरा है और अजित पवार के समर्थकों की आंखें नम हैं। राजनीतिक दलों, नेताओं और आम नागरिकों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। एक अनुभवी जननेता, सख्त प्रशासक और महाराष्ट्र की राजनीति के बड़े चेहरे का इस तरह अचानक चला जाना राज्य के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।