गुजरात से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आ रही है, जहां गैस सिलेंडर की कथित भारी किल्लत के चलते मजदूरों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो गया है। सूरत में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।

प्रकाश आंबेडकर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें मजदूर “अब नहीं आउंगा दोस्त” कहते हुए रेलवे स्टेशन की ओर भागते नजर आ रहे हैं। उनका दावा है कि गैस सिलेंडर की भारी कमी के कारण अब तक लाखों मजदूर अपने गांव लौटने को मजबूर हो गए हैं।
आंबेडकर ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच मजदूरों को 24-24 घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, और इसके बावजूद उन्हें ट्रेन में जगह तक नहीं मिल रही। उन्होंने इसे देश में बढ़ते “रिवर्स माइग्रेशन” का संकेत बताया है।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी तरफ आम जनता बुनियादी जरूरतों के लिए जूझ रही है।
इस पूरे मामले ने गुजरात में मजदूरों की हालत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस संकट पर क्या कदम उठाती है और मजदूरों को राहत कब तक मिलती है।