
AIMIM प्रमुख असद्दुन ओवैसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR मुद्दे, निदा खान केस और वंदे मातरम् विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। ओवैसी ने कहा कि निदा खान मामले में मीडिया ट्रायल किया जा रहा है, जबकि अदालत में अभी सुनवाई बाकी है।
ओवैसी ने कहा कि TCS ने साफ किया है कि संबंधित लड़की का HR विभाग से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि FIR में बुर्का और मुस्लिम समुदाय की किताब मिलने का जिक्र किया गया, लेकिन क्या अब बुर्का और नकाब रखना भी गैरकानूनी हो गया है?
उन्होंने कहा कि नौ FIR दर्ज कर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन आरोप लगाने वालों को अदालत में सबूत भी पेश करने होंगे। ओवैसी ने दावा किया कि “यह बच्ची निर्दोष बाहर आएगी, खुदा ने चाहा तो।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने यह भी कहा कि मुसलमानों को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मुंबई ट्रेन ब्लास्ट और 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट तथा 2008 मालेगांव ब्लास्ट का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में अब तक लोगों को इंसाफ नहीं मिला।
वहीं वंदे मातरम् विवाद पर बोलते हुए ओवैसी ने रवींद्रनाथ टैगोर और सुभाषचंद्र बोस के पत्रों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि “आनंद मठ” में मुस्लिम विरोधी बातें लिखी गई हैं और इस पर खुली बहस होनी चाहिए।
ओवैसी ने साफ कहा कि किसी भी मामले में अंतिम फैसला अदालत करेगी, मीडिया नहीं।