महाराष्ट्र में हिंदी- मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच अब एक नई पहल सामने आई है। राज्य में रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य बनाए जाने और मराठी न आने पर लाइसेंस रद्द करने की चर्चा के बाद परप्रांतीय ड्राइवरों में डर का माहौल है।
इसी बीच 1 मई, महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर मुंब्रा में समाजवादी पार्टी ने मुफ्त मराठी सिखाने की मुहिम शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी के मुंब्रा-कलवा अध्यक्ष शब्बीर खान ने जानकारी दी कि इस पहल के तहत तीन अलग-अलग क्लासेस शुरू की जाएंगी, जहां ड्राइवरों और आम लोगों को मराठी भाषा सिखाई जाएगी।

इस मुहिम का उद्देश्य परप्रांतीय लोगों को भाषा के कारण होने वाली परेशानी से राहत देना और उन्हें स्थानीय नियमों के अनुरूप तैयार करना है। साथ ही, यह पहल सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में भी एक कदम मानी जा रही है।
मुहिम से जुड़े लोगों का कहना है कि भाषा किसी भी राज्य की पहचान होती है, लेकिन इसे विवाद का कारण नहीं बल्कि संवाद का माध्यम बनना चाहिए। ऐसे में यह प्रयास न सिर्फ ड्राइवरों के डर को कम करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करेगा।
फिलहाल, इस पहल को लेकर स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, लेकिन यह देखना अहम होगा कि इससे भाषा विवाद पर कितना असर पड़ता है।