
मुंबई के दादर स्थित आंबेडकर भवन में प्रबुद्ध भारत मीडिया हाउस द्वारा प्रकाशित और लेखक फारुख अहमद की पुस्तक ‘मुसलमानों का सियासी अजेंडा’ का भव्य विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में वंचित बहुजन अघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश आंबेडकर ने पुस्तक का लोकार्पण किया। समारोह में देशभर से आए बुद्धिजीवियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी देखने को मिली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रकाश आंबेडकर ने मुस्लिम समाज की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज मुस्लिम समाज सबसे बड़ा निशाना बना हुआ है और हालात को बदलने की जिम्मेदारी खुद समाज को उठानी होगी। आंबेडकर ने यह भी कहा कि मुस्लिम राजनीति पर आज भी मौलवियों का प्रभाव कायम है, जो एक कड़वी सच्चाई है। उन्होंने फारुख अहमद की इस पुस्तक को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसे हर बस्ती तक पहुंचाया जाना चाहिए और इस पर खुली चर्चा होनी चाहिए।
वहीं सुजात आंबेडकर ने कहा कि इतिहास में जब-जब मुस्लिम समाज पर अन्याय हुआ, तब-तब सामाजिक आंदोलनों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने इस पूरी राजनीतिक और सामाजिक लड़ाई के दस्तावेजीकरण को आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी बताया।
कार्यक्रम में द वायर की संपादक आरफा खानम शेरवानी ने मतदाताओं के अधिकारों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई, जबकि पूर्व आईपीएस अधिकारी अब्दुर रहमान ने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। पत्रकार नवीन कुमार ने संविधान और समानता के मुद्दे पर आंबेडकरवादी आंदोलन की अहमियत बताई। वहीं कॉमरेड स्मिता पानसरे ने दलित, आदिवासी, ओबीसी और मुस्लिम समुदाय की संयुक्त राजनीतिक ताकत पर जोर दिया।
इस मौके पर लेखक फारुख अहमद, इतिहासकार सरफराज अहमद, कलीम अजीम, अंजलिताई आंबेडकर, रेखाताई ठाकुर समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी, प्रतिनिधित्व और संविधानिक अधिकारों को लेकर गंभीर चर्चा देखने को मिली।