महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे गुट की उपनेता सुषमा अंधारे के बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। हक्कभंग समिति के सामने पेश हुईं सुषमा अंधारे ने साफ कहा कि वह किसी भी तरह की माफी नहीं मांगेंगी। अंधारे ने दावा किया कि उन्होंने स्टूडियो में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ आवाज उठाई थी और उनके बयान में ऐसा कोई शब्द नहीं था जिसे संसदीय समिति ने असंसदीय घोषित किया हो।
सुषमा अंधारे ने बताया कि समिति के सामने उन्होंने संविधान की शपथ लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत उन्होंने कॉमेडियन कुणाल कामरा का समर्थन किया था और यही बात उन्होंने समिति के सामने भी दोहराई।
इस दौरान अंधारे ने बीजेपी नेताओं पर भी निशाना साधा। किरीट सोमैया पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें “एचडी वीडियो” की जांच में ही लगे रहना चाहिए। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुळे से उनकी संपत्ति का सार्वजनिक खुलासा करने की मांग भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सुषमा अंधारे ने तंज कसते हुए कहा कि अगर रसोई में तेल है तभी अच्छे दिन माने जाएंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। बीजेपी नेता प्रसाद लाड ने अंधारे के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि माफी मांगने से इनकार करना उनकी राजनीति को दर्शाता है।