गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर देश ने भारतीय सेना की एक जांबाज़ अधिकारी को विशेष सम्मान देने का एलान किया है। भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनकी अहम भूमिका के लिए दिया जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब पाकिस्तान की ओर से लगातार झूठ, भ्रामक सूचनाएं और दुष्प्रचार फैलाया जा रहा था, उस समय भारतीय सेना ने मोर्चा संभालने की जिम्मेदारी कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को सौंपी। दोनों महिला अधिकारियों ने संयुक्त ब्रीफिंग के जरिए ऑपरेशन के उद्देश्यों, सटीक कार्रवाई और भारत की रणनीति को दुनिया के सामने स्पष्ट किया और पाकिस्तान के हर झूठ का तथ्यों के साथ पर्दाफाश किया।

कर्नल सोफिया कुरैशी इससे पहले भी देश और सेना का नाम रोशन कर चुकी हैं। वह भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने किसी अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व किया। ‘एक्सरसाइज फोर्स 18’ नामक इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में वह भाग लेने वाले 18 देशों की टुकड़ियों में एकमात्र महिला कमांडर थीं।
गुजरात के वडोदरा की रहने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म वर्ष 1981 में हुआ। सेना की पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोफिया के पिता और दादा दोनों भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। उन्होंने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी, वडोदरा से बीएससी और एमएससी (बायोकैमिस्ट्री) की पढ़ाई की। एक समय उनका सपना प्रोफेसर बनने का था, लेकिन शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए सेना में चयन होने के बाद उन्होंने अपना अकादमिक करियर छोड़कर राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना।

विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जाना कर्नल सोफिया कुरैशी के साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा की पहचान है। यह सम्मान न सिर्फ उनके योगदान को मान्यता देता है, बल्कि देश की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो वर्दी पहनकर राष्ट्र की रक्षा का सपना देखती हैं।