
मुंबई के व्यस्त उपनगरीय रेल नेटवर्क में एक बड़ा हादसा टल गया, जब कल्याण स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर बदलाापुर-दादर एसी लोकल ट्रेन की छत पर एक युवक चढ़ा हुआ दिखाई दिया। स्थिति बेहद खतरनाक थी, क्योंकि ट्रेन के ऊपर हाई-वोल्टेज ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर मौजूद थे, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।
मामले की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तुरंत सक्रियता दिखाई और दोपहर 2 बजकर 40 मिनट पर ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, ताकि करंट लगने का खतरा पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसके बाद स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने समन्वय के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
तेजी और सतर्कता के साथ काम करते हुए टीम ने महज 10 मिनट के भीतर, यानी 2 बजकर 50 मिनट पर युवक को सुरक्षित नीचे प्लेटफॉर्म पर उतार लिया। इसके बाद आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी की गई और 2 बजकर 52 मिनट पर दोबारा OHE की बिजली बहाल कर दी गई। ट्रेन को भी कुछ ही देर बाद अपने गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को केवल 12 मिनट में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। युवक की पहचान 25 वर्षीय मलका फिदरे के रूप में हुई है, जिसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के हवाले कर दिया गया है।
रेलवे प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और समन्वय से जहां एक ओर एक बड़ी दुर्घटना टल गई, वहीं यह घटना यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।