Home धर्म / आध्यात्मतिरुमला मंदिर में वेडिंग शूट पर बवाल, वायरल वीडियो से भड़के श्रद्धालु; सख्त कार्रवाई की मांग

तिरुमला मंदिर में वेडिंग शूट पर बवाल, वायरल वीडियो से भड़के श्रद्धालु; सख्त कार्रवाई की मांग

by Real Khabren
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तिरुमला मंदिर में वेडिंग शूट पर

तिरुपति:आंध्र प्रदेश प्रदेश के तिरुपति स्थित विश्व प्रसिद्ध तिरुमला श्रीवारी मंदिर से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मंदिर परिसर के सामने किए गए एक वेडिंग शूट को लेकर श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। भक्तों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां मंदिर की पवित्रता और गरिमा के खिलाफ हैं।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार को तिरुमला श्रीवारी मंदिर के सामने एक नवविवाहित जोड़े ने वेडिंग फोटो शूट कराया। कपल ने कोलामंडपम से अखिलंदम तक अलग-अलग स्थानों पर तस्वीरें खिंचवाईं। वीडियो में देखा जा सकता है कि फोटो शूट के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के माथे पर किस किया और कई स्टिल्स लिए। यह दृश्य सामने आते ही सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया।

वायरल वीडियो देखने के बाद श्रद्धालु असहज और आक्रोशित नजर आए। उनका कहना है कि तिरुमला जैसे पवित्र तीर्थ स्थल पर इस तरह का वेडिंग शूट धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। कई भक्तों ने कपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट से हस्तक्षेप करने की अपील की है।

गौरतलब है कि तिरुमला में आमतौर पर फोटो शूट और रील बनाने पर रोक लगी हुई है। बावजूद इसके मंदिर परिसर में इस तरह की गतिविधि सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि आगे से सुरक्षाकर्मियों को और सख्ती बरतनी चाहिए, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।

भक्तों का यह भी कहना है कि मंदिर केवल पूजा और आस्था का स्थान है, न कि निजी फोटो शूट या सोशल मीडिया कंटेंट बनाने का मंच। उनका मानना है कि इस तरह की हरकतों से मंदिर की मर्यादा और पवित्रता भंग होती है।

बता दें कि तिरुमला मंदिर दुनिया के सबसे समृद्ध और प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। यह भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है और शेषाचलम पहाड़ियों की चोटी पर स्थित है। समुद्र तल से करीब 980 मीटर की ऊंचाई पर फैला यह क्षेत्र लगभग 10.33 वर्ग मील में विस्तृत है। मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है, जिसमें पल्लव, चोल, पांड्य और विजयनगर शासकों का अहम योगदान रहा है।
अब देखना होगा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में मंदिर परिसर में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।

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