पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा एक बार फिर सुर्खियों में है। उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर रात चंद्रनाथ रथ अपनी कार से जा रहे थे, तभी बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार तीन हमलावरों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया। दोहारिया इलाके में मौका मिलते ही बदमाशों ने कार को घेर लिया और बेहद करीब से कई राउंड फायरिंग कर दी। इस हमले में चंद्रनाथ रथ को तीन गोलियां लगीं, जबकि उनके सहयोगी बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया।
चंद्रनाथ रथ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाते थे और लंबे समय से उनके राजनीतिक और संगठनात्मक कामकाज को संभाल रहे थे। भवानीपुर विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह सुवेंदु अधिकारी की रणनीतिक टीम का अहम हिस्सा थे।
घटना की जानकारी मिलते ही सुवेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने इस हत्या को “पूरी तरह से प्री-प्लांड राजनीतिक साजिश” बताया। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हमलावरों ने कई दिनों तक रेकी की और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
वहीं पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से कारतूस बरामद किए गए हैं और वारदात में इस्तेमाल संदिग्ध गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है। शुरुआती जांच में वाहन की नंबर प्लेट फर्जी होने की आशंका जताई जा रही है।
इस हत्याकांड के बाद भाजपा ने ममता सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक हत्या बताते हुए बंगाल में “जंगलराज” का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों और तकनीकी सबूतों के आधार पर हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है।