मुंबई:राज्य की भाजपा महायुती सरकार पर एक बार फिर अल्पसंख्याक विरोधी होने का गंभीर आरोप लगा है। माजी मंत्री और काँग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्य नसीम खान ने कहा कि मुस्लीम समाज को मिलने वाला ५ प्रतिशत शैक्षणिक और नौकरी में आरक्षण रद्द करने का निर्णय पूरी तरह गलत है।

नसीम खान ने टिळक भवन में प्रेस से बातचीत में बताया कि २०१४ में काँग्रेस सरकार ने मुस्लीम समाज के पिछड़े वर्गों के लिए यह आरक्षण शुरू किया था। उस समय से ही मुंबई उच्च न्यायालय ने इस आरक्षण को मान्यता दी थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इसका पालन नहीं किया।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्याक समाज के लिए शुरू की गई योजनाएँ भी भाजपा सरकार ने बंद कर दी हैं। छात्रों के लिए दी जाने वाली शिष्यवृत्तियाँ कम कर दी गई हैं। जहाँ सालाना ९० करोड़ रुपये की जरूरत थी, वहां केवल २० करोड़ रुपये दिए गए।
नसीम खान ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के दिन कुछ स्कूलों को अल्पसंख्याक दर्जा देने की प्रक्रिया की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण कई स्कूलों को अवैध तरीके से यह प्रमाणपत्र दिया गया और इसकी सीआईडी या एसआईटी जांच की मांग की।
नसीम खान ने साफ कहा भाजपा सरकार न केवल मुस्लीम समाज बल्कि पूरे अल्पसंख्याक समाज के विकास के मार्ग में बाधक बन रही है।