महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में नगर निगम के बिजली विभाग के दफ्तर में नमाज़ अदा किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, शहर के एक वार्ड में लंबे समय से बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर निगम को शिकायत दी और अधिकारियों से मिलकर समाधान की मांग की, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ। इसी मुद्दे को लेकर मालेगांव लोकसंघर्ष समिति के अध्यक्ष लुकमान कमाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग नगर निगम के बिजली विभाग पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

धरने के दौरान रमजान के महीने में असर की नमाज़ का समय हो गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें दोपहर 3 बजे बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन अधिकारी नहीं पहुंचे। लुकमान कमाल ने कहा कि यदि वे नमाज़ के लिए वहां से चले जाते तो संभव है कि अधिकारी दफ्तर बंद कर देते और बिजली समस्या का समाधान फिर टल जाता। ऐसे में उन्होंने वहीं दफ्तर के अंदर जमात में नमाज़ अदा की।
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक विरोध बता रहे हैं, जबकि कुछ ने सरकारी कार्यालय परिसर में धार्मिक गतिविधि पर सवाल उठाए हैं।
बीजेपी नेता किरिट सोमैया ने आरोप लगाया है कि नगर निगम के बिजली विभाग में खुलेआम नमाज़ पढ़ी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस मामले में सख्त कार्रवाई, संबंधित कर्मचारियों के निलंबन और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। वीडियो वायरल होने के बाद शहर में चर्चा का दौर जारी है और यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर संवेदनशील बनता दिख रहा है।