पुणे के हिंजवड़ी आईटी हब से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां बहुराष्ट्रीय कंपनियों में बनाए गए विश्राम कक्षों के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र की नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुणे पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।

मंत्री माधुरी मिसाल के मुताबिक, हिंजवड़ी क्षेत्र की कुछ कंपनियों में विश्राम कक्षों का इस्तेमाल कथित तौर पर एक विशेष समुदाय द्वारा धार्मिक गतिविधियों के लिए किए जाने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि अगर ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे अन्य कर्मचारियों के समान अधिकारों और कार्यस्थल की अनुशासन व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
मिसाल ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि कंपनियों के अंदर इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते नियंत्रण जरूरी है, ताकि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार का तनाव या भेदभाव की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
इस मुद्दे को उठाते हुए मंत्री ने नाशिक में हाल ही में सामने आए एक कथित धर्मांतरण मामले का भी जिक्र किया है और कहा है कि ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं, इसके लिए पहले से सतर्क रहना जरूरी है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भी माधुरी मिसाल ने पुणे और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पहल की थी।
अब इस नए मामले को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।