मुंबई :चंद्रपूर महापौर पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी रणनीति के साथ जीत हासिल की है। कांग्रेस के पास 31 सदस्य हैं, और माना जा रहा था कि शिवसेना (उबाठा) और अन्य महाविकास आघाड़ी दलों का समर्थन कांग्रेस को मिलेगा।
लेकिन इस बार कांग्रेस ने बीजेपी के उम्मीदवार को समर्थन दे दिया, जिससे एमआईएम ने तटस्थ रहकर भाजपा को अप्रत्यक्ष मदद दी। वहीं वंचित बहुजन आघाड़ी के नगरसेवक मतदान में अनुपस्थित रहे, जिससे भाजपा का उम्मीदवार महापौर बन गया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा और एमआईएम की अदृष्य युति चंद्रपूर समेत अंजनगाव सुर्जी, अकोट और अचलपूर में दिखाई दी। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी को साथ लाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मदद नहीं मिली।
सपकाळ ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के भीतर किसी प्रकार का विवाद नहीं है, और पार्टी निरीक्षक के माध्यम से इस चुनाव का विस्तृत अहवाल मंगवाया जाएगा। इसके बाद इस पर सख़्त और गहन चर्चा की जाएगी।
सवाल यह उठता है कि परभणी में कांग्रेस उसी रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी या अलग राह अपनाएगी।